अमृतकौर अस्पताल में 53 लाख की लागत से लगेगा रूफ टॉप सोलर सिस्टम

अमृतकौर अस्पताल में 53 लाख की लागत से लगेगा रूफ टॉप सोलर सिस्टम

Beawar News – अमृतकौर अस्पताल में बार-बार होने वाले पावर कट और लगातार बढ़ रहे बिजली के भार को कम करने के लिए रूफ टॉप सोलर सिस्टम…
अमृतकौर अस्पताल में बार-बार होने वाले पावर कट और लगातार बढ़ रहे बिजली के भार को कम करने के लिए रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत सीकर के फतेहपुर के इंडस्ट्रियल एरिया की कंपनी ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी ने अमृतकौर अस्पताल की बिल्डिंग का सर्वे किया। कंपनी के निदेशक अरुण मेहला ने बताया कि कंपनी द्वारा इसी माह राजकीय अमृतकौर अस्पताल में सोलर पैनल के इंस्टॉलेशन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 53 लाख रुपए के बजट से कंपनी द्वारा राजकीय अमृतकौर अस्पताल में रेस्कॉ मॉडल रूफ टॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा।

100 किलोवाट क्षमता का प्लांट होगा इंस्टॉल

उक्त जानकारी देते हुए ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी के निदेशक अरुण मेहला ने बताया कि राजकीय अमृतकौर अस्पताल की छत पर 100 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन, सरकार और ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी के बीच 25 वर्षों के लिये एक पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है। इस एग्रीमेंट के तहत अस्पताल प्रबंधन सिर्फ रूफ टॉप उपलब्ध कराएगा। 25 वर्षों तक उपयोग की गयी बिजली खपत का भुगतान 3 रुपए 20 पैसे प्रति यूनिट से फर्म को किया जाएगा। ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी द्वारा ना सिर्फ एकेएच की छत पर पूर्णतया निशुल्क इंस्टॉलेशन किया जाएगा बल्कि 25 सालों तक प्लांट का रखरखाव भी किया जाएगा।

हर यूनिट पर 3 रुपए 80 पैसे की बचत

वर्तमान में अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रतिदिन करीब 550 से 600 यूनिट बिजली का उपभोग किया जाता है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा विद्युत विभाग को प्रति यूनिट 7 रुपए की दर से भुगतान किया जाता है। ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी के निदेशक अरुण मेहला के अनुसार कंपनी अमृतकौर अस्पताल को 3 रुपए 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाएगी। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को प्रति यूनिट 3 रुपए 80 पैसे का फायदा होगा। अस्पताल प्रबंधन को ग्रीन एफिलाइट्स एसपीवी द्वारा प्रति दिन करीब 500 यूनिट बिजली उपलब्ध करवागी। इसके अनुसार अस्पताल प्रबंधन को प्रति दिन 1 हजार 900 रुपए की बचत होगी और प्रतिवर्ष यह बचत 6 लाख 84 हजार रुपए होगी।

सीधी कंज्यूम होगी बिजली

इस सोलर पैनल को एसी कनर्वटर पैनल से सीधा जोड़ा जाएगा। सूरज की रोशनी प्लेटों पर पड़ते ही इससे ऊर्जा का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसे बैटरियों में स्टोरेज नहीं किया जाएगा बल्कि इसी सीधा लाइटों और विद्युत उपकरणाें में प्रयोग किया जाएगा। ग्रीन इनीशिएटिव के तहत छत पर सोलर प्लांट के साथ ही कनवर्टर स्थापित कर दिया जाएगा।

17 अस्पतालों में लगेंगे प्लांट

कंपनी के अनुसार ब्यावर समेत जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, अलवर, दौसा, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर, सिरोही, जालोर, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर, भरतपुर और श्रीगंगानगर में प्लांट डाला जा रहा है।


प्रतिदिन 500 यूनिट बिजली का उत्पादन

कंपनी के निदेशक अरुण मेहला ने बताया कि अमृतकौर अस्पताल की छत पर सोलर पैनल लगाने का कार्य मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू किया जाएगा। मशीनों के इंस्टॉलेशन और अन्य काम में 45 दिन का समय लगेगा। जिसके बाद यह संयंत्र विद्युत उत्पादन प्रारंभ कर देगा। हालांकि इससे पूर्व कंपनी द्वारा आरएसईबी द्वारा एनओसी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्लांट द्वारा प्रतिदिन 500 यूनिट बिजली की उत्पादन किया जाएगा।

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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