क्या सीवरेज कंपनी ब्यावर को बर्बाद करके डुबायेगी

क्या सीवरेज कंपनी ब्यावर को बर्बाद करके डुबायेगी

BDN
क्या सीवरेज कंपनी ब्यावर को बर्बाद करके डुबायेगी
ब्यावर/ क्या कोई बता सकता है कि सीवरेज कंपनी के ठेकेदार ने ब्यावर में सीवरेज लाइन बिछाने का ठेका लिया है या ब्यावर को बर्बाद करने का???
क्या सडको की मरम्मत के नाम पर खाना पूर्ति की जा रही है?
जहा जहा भी सीवरेज लाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत की जा रही है वहा पर कही तो केवल जितनी खुदाई हुई उसको ही बेतरतीब ढंग से मरम्मत की जा रही है, जिससे शहर की सड़कों का सारा भूगोल ही बदल गया है, सड़क कही ऊंची कही नीची, कही सीवरेज के फेरोब्लोक रोड़ के बराबर है तो कही सड़क के लेवल से काफी ऊंचे है, जिससे सडको का लेबल ओर सडको का माप दंड ही कही नजर नही आ रहा ।
इसके साथ ही किसी गली में पूरी सड़क नई बनाई जा रही है तो कही पे केवल मरम्मत करके ही खाना पूर्ति की जा रही है ।
शहर की जनता में इस बात का रोष है कि जहा पर पूरी सड़क नई बनाई जा है वहा पर *पुरानी सडको को उखाड़े बिना ही उस पर सीमेंट की सड़क बनाई जा रही है जिससे भरस्टाचार की बू आ रही है। नियमानुसार सड़क खोद के बनानी चाहिए थी ।
इस प्रकार सड़क बनाने सेे कई घरों के लेबल सडक़ के बराबर हो गए है या कई घरों के लेबल सड़क से नीचे हो गए है, जिससे आने वाले समय मे जब भी बारिश का पानी आएगा तो सीधे उनके घरों में घुस जाएगा । यदि बारिश ज्यादा तेज हो गई तो उनके घरों में बाढ़ के हालात हो जाएंगे, जिससे उनको भारी असुविधा होगी।
ठेकेदार तो अपना काम कर शहर से चला जायेगा ओर शहर वासियों को जिंदगी भर का का दुख दे जाएगा । नगर परिषद की मोन स्वीकृति क्यो है जनता सब समझती है
ठेकेदार केवल अपना लाभ देख रहा है, लेकिन शहर की आम जनता को हमेशा के लिए मुसीबत में छोड़ कर जा रहा है ।
इसके साथ ही पिछले लंबे समय से पूरे शहर को मन मर्जी से खोद खोद कर शहर के लोगो को धूल के गुबार में झोंक दिया है, इससे स्वास्थ पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, इसके साथ ही खुदाई के बाद लंबे समय तक सड़क को सुधारा नही जा रहा जिससे उबड़ खाबड़ सड़क पर वाहन चालकों, स्कूल ऑटो चालकों व अन्य सभी को भारी असुविधा हो रही है, ऐसी सड़क पर वाहन चलाने से वाहन चालको को कंधे, गर्दन ओर पेट मे तकलीफ की समस्या बढ़ रही है, साथ ही वाहनों की टूट फुट का खर्चा भी आम जनता के माथे पड़ रहा है ।
क्या प्रशासन ने इस सीवरेज लाइन के ठेकेदार के काम की मोनिटरिंग के लिए किसी अधिकारी की नियुक्ति की या नही, यदि हा तो उसने अभी तक शहर की दुर्दशा पर चुप्पी क्यों साध रखी है । शहर की जनता के सामने उसको जवाब देना है । शहर की बिगड़ी सड़क व्यवस्था का वो अधिकारी भी उतना ही जिम्मेदार है जितना कि ठेकेदार ।
सीवरेज ठेकेदार को अपनी ठेके की शर्तों के अनुरूप काम करने के लिए पाबन्द करने के लिए किसकी जवाबदारी है?
ठेकेदार को खुली छूट देकर जवाबदार आंखे बंद कर क्यो बैठे है सोचनीय विषय ।
इस पर आम आदमी पार्टी ने RTI लगा कर इस संबंध में जानकारी भी मांगी गई।
हेमेन्द्र सोनी @ BDN जिला ब्यावर

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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