कान खोल के सुन ले संजय लीला भंसाली

कान खोल के सुन ले संजय लीला भंसाली

कान खोल के सुन ले संजय लीला भंसाली
संजय लीला भंसाली ने भले ही राजस्थान में फ़िल्म की शूटिंग रद्द कर दी हो, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन एक बात कान खोल क सुन ले की जब तक वो फ़िल्म की कहानी में आवश्यक तथ्य परक, और इतिहास सम्मत संशोधन नहीं करेंगे तब तक वो हिन्दुस्तान क्या देश के किसी कोने में इस फ़िल्म की शूटिंग नहीं कर सकता, अगर उसने इतिहास की मर्यादा के अनुसार संशोधन नहीं किया तो उसके परिणाम के लिए वो खुद उत्तरदायी होगा । फ़िल्म की कहानी का लेखक भी इसमें बरावर का दोषी हे ।
राजपूत समाज अपनी आन बान और शान के लिए कुर्बानी देता आया हे और इसके इतिहास से कोई छेड़ छाड़ करने की कोशिस करेगा तो हम फिर से कुर्बानी देने को तैयार हे, किसी भी फ़िल्म निर्माता को अपने पैसे कमाने के लालच और स्वार्थ के लिए फ़िल्म मइ ग्लैमर का तड़का लगाने के लिए इतिहास के विरुद्ध कहानी मोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती । अगर नहीं मानेगा तो हम उसे समझा देंगे । रानी पद्मिनी बलिदान और त्याग के लिए जानी जाती हे और एक मुश्लिम शाशक द्वारा अपनी आन बाण और कुल की मर्यादा की रक्षा के लिए जोहर कर बलिदान कर एक इतिहास रचा था ।
डी. डी. राठौड़, अधिवक्तता ब्यावर

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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