सभापति बबिता चौहान की हंसी का क्या था राज???

सभापति बबिता चौहान की हंसी का क्या था राज???

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सभापति बबिता चौहान की हंसी का क्या था राज???
कुछ चेहरे दुनिया को दिखाने के लिए होते हे, असलियत में उसके मायने कुछ और होते हे |
कोई भी गरीब से गरीब आदमी और आमिर से आमिर आदमी इस जालिम दुनिया को अपना गम नहीं दिखाना चाहता हे क्योकि वो यह जानता हे की यहाँ सहानुभूति कम और व्यंग्य ज्यादा मिलेंगे |
#ब्यावर #सभापति बबिता चौहान को रिश्वत में पकडे जाने के बाद जब अजमेर ले जाने के लिए घर से बाहर लाया जा रहा था तो उनके चेहरे की हंसी खबरों की सुर्खिया बन गई, उस हंसी की फोटो देखकर अनेक लोगो द्वारा अपने अपने अनुमान लगाये गए, किसी ने क्या कहा किसी ने क्या कहा, लेकिन में उन बातो पर नहीं जाना चाहता हु की किसने क्या कहा |
क्योकि मेने जो देखा हे मेरी नजर में वो हंसी उनके अपने मन में चल रहे उथल पुथल और अपने भविष्य को लेकर जो चिंता, अपने परिवार की इज्जत, अपने बच्चो का भविष्य, अपनी सामजिक प्रतिष्ठा, किस किस ने उन्हें छला हे और किस किस ने उनकी कम राजनितिक सोच का फायदा उठाया हे, और सबसे बड़ा सवाल कोन कोन उनको मुसीबत में छोड़ कर गायब हो गया, किस किस ने उन्हें फंसाने में भूमिका निभाई, किस किस ने उनकी पीठ में विशवास का खंजर घोपा, आदि अदि को लेकर जीवन के सबसे बड़े गम को छुपाने की नाकाम कोशिश थी | जिसे वो दुनिया वालो को नहीं दिखाना चाहती थी |
इसलिए उस कठिन क्षणों के समय को उन्होंने बड़े ही कठोर मन से, अपने अंतर्मन से बड़ी जिद्दो जहद करके उन्होंने उस क्षणों को हंसी में बदलने में अपनी सफलता प्राप्त की, एक साधारण परिवार की महिला होते हुए उन्होंने जिस सोच और जज्बे से आम जनता के सामने अपने मन के घावो को छिपाते हुए लोगो का सामना किया वह कोई आसान काम नहीं था | इसी मानसिक स्थिति के कारण जेल भेजने के कुछ ही घंटो के बाद उनकी तबियत खराब हो गई | आखिर कब तक वो अपनी मानसिक स्थिति को झेल पाती और उसका मुकाबला करती |
क्योकि कोई भी इंसान चाहे वो महिला हो या पुरुष, चाहे वो कितना ही ताकतवर और हिम्मत वाला क्यों ना हो जब पुलिस पकडती हे और जब जेल जाने का नंबर आता हे तो उसके सारे तोते उड़ जाते हे | जबकि बबिता तो एक आम साधारण घरेलु महिला थी जिसे राजनीति का कोई ज्ञान नहीं था लेकिन भाग्य प्रबल होने के कारण उन्हें पार्षद का टिकट मिला और वो जीती, एवं इसके साथ ही राज योग होने के कारण उन्होंने सबको परास्त करते हुए सभापति की कुर्सी पर कब्जा किया | इस लिए जब उन्हें ACB की टीम द्वारा पकड़ा गया तब उनके मन की स्थिति को समझना कोई आसान काम नहीं था |
अजमेर में जब ACB ने उन्हें अपने पति और रिश्तेदार सहित 23 अगस्त 2018 तक जेल भेजने का आदेश दिया तब उनकी मानसिक स्थिति वो संभाल नहीं पाई होगी और जेल में उन्हें ब्लड प्रेशर, और सुगर में बढ़ोतरी के कारण उन्हें उपचार देना पड़ा | क्योकि बिमारी का सीधा सम्बन्ध सीधा मस्तिष्क से हे और इस समय उनकी मानसिक स्थति बड़ी विकट चल रही होगी, तरह तरह के सवाल उनके अंतर्मन में उठ रहे होंगे और उसके अनेक परिणाम और दुष्परिणाम पर मन में अंतरयुद्ध चल रहा होगा | इस कारण शारीर पर उसका प्रभाव आना लाजमी हे |
हेमेन्द्र सोनी @ BDN जिला ब्यावर

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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