‘खान’दान का सच: 203 नेता, 45 अफसरों के परिजनों के पास हैं 494 खानें

‘खान’दान का सच: 203 नेता, 45 अफसरों के परिजनों के पास हैं 494 खानें
जयपुर. राजस्थान में माइनिंग का मायाजाल किसी तिलिस्मी कहानी से कम नहीं है। बस कहानी के सारे पात्र कुछ नेताओं, अफसरों और उनके रिश्तेदारों के इर्द-गिर्द ही घूमते हैं। अब भूमिका भी देख ही लीजिए-गौर करें 203 नेता, 45 अफसरों के परिजनों के पास 494 खानें हैं। भास्कर को मिली एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार 25 मौजूदा व पूर्व मंत्री और 178 वर्तमान व पूर्व विधायकों के परिजन खानों के मालिक हैं।
नेताओं व उनके रिश्तेदारों के पास 372 तथा अफसरों व उनके परिजनों के पास 122 खानें हैं। कांग्रेस और भाजपा के अधिकांश नेता इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। भास्कर ने रिपोर्ट में दिए गए नाम और खानों के नंबरों के आधार पर कई स्तर पर पुष्टि की। संबंधित नेताओं और अफसरों से बातचीत के अलावा विभागीय स्तर पर भी मिलान किया गया। इतना ही नहीं इनके रिश्तेदार और परिवारजनों से भी बात की गई। रिपोर्ट में सिर्फ लाइसेंसशुदा खानों का ही जिक्र है।
खनन कारोबार के ये बड़े नाम: राजसमंद सांसद हरिओम राठौड़, पूर्व विधायक मोहन लाल अग्रवाल के परिजनों के पास 28-28 खानें हैं। पूर्व शिक्षा मंत्री ब्रजकिशोर शर्मा के रिश्तेदारों के नाम 11, पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर के परिजनों के नाम 9 खानें हैं। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह राठौड़ का परिवार 9 और पूर्व विधायक दुर्गाप्रसाद अग्रवाल का परिवार 12 खानों से जुड़ा है।
खान कारोबार में आईएएस, आईपीएस, आरएएस व अन्य अफसरों के रिश्तेदार भी पीछे नहीं हैं। गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार आईएएस अशोक शेखर के रिश्तेदार 16 खानों के कारोबार से जुड़े हैं (हालांकि अशोक शेखर का कहना है कि उनके पास कोई खान नहीं है)। पूर्व आईपीएस ब्रजेंद्र झाला और उनके नजदीकी लोगों के नाम पर 7 खानें हैं। खनन के इस कारोबार में सांसद और विधायक ही नहीं, बल्कि जिला परिषद, नगर पालिका स्तर के नेता और उनके रिश्तेदार भी शामिल हैं।
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दो लाख करोड़ का है खान कारोबार खनन कंपनियों में पार्टनर हैं बड़े नेता
खान के कारोबार में अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों की बराबर की हिस्सेदारी है। सरकार किसी की भी आए खानों को हासिल करने में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं के रिश्तेदार और नजदीकी लोग पीछे नहीं है। दिलचस्प है कि सियासत की पिच पर तो प्रतिद्वंद्वी नेता एक-दूसरे का चेहरा देखना तक पसंद नहीं करते लेकिन खानों के कारोबार में साथ-साथ हैं। खान कारोबारियों की फेहरिस्त में कांग्रेस के स्व. नवलकिशोर शर्मा और उनके बेटे ब्रजकिशोर शर्मा, परसराम मोरदिया, बाबूलाल नागर, अश्क अली टांक, जुबेर खान, उदयलाल आंजना और अशोक चांदना जैसे नाम प्रमुख हैं वहीं भाजपा में पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान, ग्रामीण विकास मंत्री सुरेंद्र गोयल, खाद्य मंत्री हेमसिंह भडाना, पूर्व मंत्री कालूलाल, नाथूसिंह गुर्जर, सुरेंद्र सिंह राठौड़, सुमित्रा सिंह और हरिओम सिंह राठौड़ के नाम शामिल हैं।
नेताओं का कार्पोरेट कनेक्शन
इस पड़ताल में यह भी सामने आया है कि दोनों पार्टियों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके कई नेता खानों के कारोबार में हालांकि सार्वजनिक से भागीदार नहीं है लेकिन कई कंपनियों में उनकी पार्टनरशिप सामने आई है। सीमेंट, लौह अयस्क, जिप्सम और मेगनीज खनन से जुड़ी कंपनियों में इन नेताओं की पार्टनरशिप सामने आई है। इनमें से कुछ नेता मंत्री, सांसद के अलावा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं।
सालाना दो लाख करोड़ का कारोबार
नेता और अफसरों को खनन कारोबार इसलिए भी लुभा रहा है क्योंकि जितना बजट राजस्थान सरकार का एक साल का होता है अकेले इस कारोबार में उससे ज्यादा पैसों का लेनदेन होता है। अगर अवैध खनन को भी शामिल कर लिया जाए तो राज्य में हर साल दो लाख करोड़ रुपए इधर-उधर किए जा रहे हैं।
खनन बढ़ा तो… 55 साल में ये हुआ बदलाव
> 1960 में खनिज से सरकारी खजाने में 92.43 लाख की आमदनी होती थी जो अब 3088 करोड़ सालाना रुपए हो गई है।
> 1960 में खनिज उत्पादन 76.12 लाख टन था जो अब साढ़े 48 करोड़ टन सालाना हो गया है।
हर सरकार में रहा है खानों का विवाद
पिछले दो दशक में प्रदेश में खानों से जुड़े कई विवाद भी काफी चर्चा में रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रिश्तेदारों को खान आवंटित किए जाने का मामला सड़क से लेकर सदन तक गूंजा वहीं पूर्व मंत्री रामलाल जाट और लक्ष्मीनारायण दवे के समय में भी खानों को लेकर विवाद हुए। विधानसभा का शायद ही कोई ऐसा सत्र रहा होगा जिसमें खानों को लेकर शोर-शराबा नहीं हुआ हो।
नेता-अफसरों से पूछे सवाल तो ये मिला जवाब

> मेरी खुद की खान नहीं है, मेरे रिश्तेदार की जो खान बता रहे हैं वो खातेदारी जमीन पर है तथा बंद पड़ी है।
– कालूलाल गुर्जर, मुख्य सचेतक, भाजपा
> मेरे परिवार और रिश्तेदारी में किसी के नाम कोई खान नहीं है। अलीम खान और प्रवीण चौहान को मैं नहीं जानता।
– यूनुस खान, पीडब्ल्यूडी मंत्री
> मेरी कोई खान नहीं है, ना मेरे परिवार की हैं। विनय कुमार के पास जो खान है वो शुरू ही नहीं हुई।
– गिरिजा व्यास, पूर्व मंत्री
> मेरे परिवार के नाम पहले थी, आज कोई खान नहीं है।
– नाथूसिंह गुर्जर, पूर्व मंत्री
 पूर्व मंत्री : परिजनों के नाम कारोबार
नाम खान नाम व नंबर कहां
कालूलाल गुर्जर 1 महेंद्र कुमार गुर्जर 326/91 आमेट
नाथू सिंह गुर्जर 2 अलका सिंह 741/88, ललिता देवी 742/88 अलवर
ब्रजकिशोर शर्मा 4 ब्रजकिशोर शर्मा 264/88, 265/88 इंद्र शर्मा, 331/87,
आशुतोष (पुत्र), देवीमाता मार्बल
अलवर और सराड़ा,उदयपुर
परसराम मोरदिया 4 बालाजी मार्बल 45/95, भगवती मार्बल 314/98, 314/98,
मंगलम शुभम मार्बल 90/98
राजसमंद
प्रेम सिंह बाजौर 2 गिरधारी सिंह 426/91, ओमपाल सिंह 1767/91 सीकर
भरोसी लाल जाटव 4(रद्द) बृजेश कुमार (पुत्र) 54/4, नरेश कुमार (पुत्र) 55/4,
नवीन कुमार(पुत्र) 56/4, सुरेंद्र कुमार (पुत्र) 57/4
करौली
भगराज चौधरी 2 महेश चौधरी 279/03, सरस्वती 298/03 जयपुर
सुमित्रा सिंह 1 केआर मार्बल, राजीव (पुत्र) 106/01 अलवर
शिवदान सिंह चौहान 1 रुद्रप्रताप सिंह (पुत्र) 218/98 राजसमंद
बनवारी लाल बैरवा 1 मनींद्र सिंह बैरवा 11/2 धौलपुर
छोगाराम बाकोलिया 1 लीला बाकोलिया (पत्नी) 114/94 सिरोही
हीरालाल इंदौरा 1 शंकुतला धानक 748/89 बांसवाड़ा
स्व. ललित के चतुर्वेदी 1 लोकेश चतुर्वेदी राजसमंद
परसराम मदेरणा 1 अशोक कुमार मदेरणा (पुत्र) 118/96 सिरोही
शिवदान सिंह चौहान 1 रुद्रप्रताप सिंह (पुत्र) 218/98 राजसमंद
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 नेता-अफसरों से पूछे सवाल तो ये मिला जवाब
> मेरे नाम कोई खान नहीं, परिवार और रिश्तेदारों का तो ये पुस्तैनी काम है, इसमें मैं क्या करूं।
– रामचंद्र सराधना, पूर्व विधायक
> मेरे नाम दो खाने थीं, दोनों मैंने बेच दी। अब कोई खान नहीं है।
– बाबूलाल बछेर, पूर्व विधायक
> मेरे नाम कोई खान नहीं, परिवार के नाम हैं, लेकिन वहां अब काम नहीं हो रहा। स्थानीय लोगों ने बंद करवा दी।
– जगदीश तिवाड़ी, पूर्व विधायक
> मेरे नाम से कोई माइंस नहीं, मातादीन मेरा रिश्तेदार है, उसके पास हो तो मुझे पता नहीं। मैंने तो कई साल पहले ही घाटे के कारण ये काम छोड़ दिया।
– कृष्ण मुरारी गंगावत, पूर्व विधायक
पूर्व विधायकों के रिश्तेदार भी खान-दानी
नाम खान नाम व नंबर कहां
अश्क अली टांक 1 किरण टांक 26/96 बूंदी
गिरिजा व्यास 1 विनय कुमार 72/97 राजसमंद
हरिसिंह चौहान 1 ग्लेक्सी माइंस 144/04 भीलवाड़ा, सीकर
स्व. दाउ दयाल जोशी 1 शंभूदयाल जोशी (पुत्र) 278/97 बूंदी
स्व. रघुवीर सिंह कौशल 3 गोमती ग्रेनाइट 24/91, 231/98, प्रखर कुमार 255/04 भीलवाड़ा, राजसमंद
ताराचंद भगोरा 1 बिना बियानी 1/90 डूंगरपुर
सुभाष महरिया .. सीकर

 

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नेता-अफसरों से पूछे सवाल तो ये मिला जवाब

> हां मेरा खनन कारोबार है। आज से नहीं, 35 साल से। राजनेता बिजनेस करे यह बुरा नहीं पर वो राजनीित को बिजनेस बनाए, यह गलत है।
– हरिओम सिंह राठौड़, सांसद, राजसमंद
> मेरे नाम से कोई खान नहीं, पर परिवार में हैं।
– संजय गुर्जर, कांग्रेस नेता
> पुरानी बात है, पत्नी के नाम खान है पर स्टे है, बेच भी नहीं पा रहे हैं।
– अश्क अली टांक, राज्यसभा सांसद
खुद सांसद, व्यापार परिवार का
नाम खान नाम व नंबर कहां
जगमाल सिंह यादव सुलतान सिंह यादव 26/91, 27/91 अलवर
अशोक चांदना अशोक चांदना, सावर, रामलिया अजमेर
उदयलाल आंजना 1 उदयलाल आंजना 09/04 निंबाहेड़ा
रघु शर्मा 1 इंद्रा शर्मा (पीए की पत्नी) सावर अजमेर
अर्जुन सिंह 2 राघवेंद्र सिंह 457/96, पुखराज ओड 504/2 जालौर
बंसीलाल 1 गणपत गहलोत 14/02 राजसमंद
हरिमोहन शर्मा 2 गिरधर गोपाल 431/02, राधा मोहन शर्मा 430/02 बूंदी
जनार्दन सिंह गहलोत 1 जनार्दन सिंह गहलोत 36/96 करौली
बनवारी लाल शर्मा 1 किरोड़ी लाल 12/03 धौलपुर
भंवर लाल राजपुरोहित 2 विजय सिंह (पुत्र) 184/05, हिम्मत सिंह (पुत्र)391/90 जैसलमेर
भंवर सिंह राजपुरोहित 1 डूंगरपुर
भंवरलाल शर्मा (भाजपा) 2 पवन कुमार167/96, तारा पाराशर 259/91 जयपुर
दलजीत सिंह चीकू 1 धौलपुर स्टोन कंपनी 49/89 धौलपुर
देवेंद्र सिंह 2 योगेंद्र कुमारी 25/85, 43/02 भीलवाड़ा, राजसमंद
हरिसिंह महुआ 6 हरिओम स्टोन क्रेसर 21/02, 22/02, कृष्णकांत 24/02, संजय सिंह 23/02,
धोलीखान मार्बल 9/2000, 10/2000
जयपुर
जगदीश तिवाड़ी 6
गणेश नारायण 98/01, हरिनारायण 99/01, कमलेश शर्मा 100/01,
बीना तिवाड़ी 102/01, कमला तिवाड़ी 101/01, 95/01
जयपुर
जोगेश्वर गर्ग 2 सुभाष गर्ग 273/05, बंशीलाल माली 307/05 जालोर
जुबेर खान 1 साफिया 216/04 अलवर
कृष्ण मुरारी गंगावत 3 मातादीन 114/04, प्रकाश शर्मा 113/03, हनुमान शर्मा 17/86 अलवर
कुबेर सिंह 1 कुबेर सिंह 25/03 उदयपुर
लक्ष्मणसिंह रावत 2 बन्ने सिंह 15/82, सोहन सिंह चौहान 8/95 आमेट
लालचंद ओसवाल 2 बालकिशन खटीक 460/93, राजेंद्र कुमार खटीक 461/93 जयपुर
मूलचंद कटेवा 3 महेंद्र कटेवा 199/97, रमेश कटेवा 37/98, संजीव कटेवा 15/98 सीकर
मुरारी लाल मीणा 3 बाबूलाल मीणा 294/95, 78/02, उंगती देवी पत्नी
मक्खन 313/95
जयपुर
नानालाल अहारी 2 एसएमटी मार्बल 78/93, 32/94 ऋषभदेव
राजेश शर्मा 3 राजेश शर्मा 12/76, सुशीला मिश्रा 19/88, उषा शर्मा 199/86 अलवर
रामचरण सराधना 2 ललिता 79/01, सुमित्रा 80/01 जयपुर
सालिग राम गुर्जर 1 सालिग राम गुजर्र 17/96, धोलपुर
श्रवण कुमार जयप्रकाश (पुत्र) 54/02, 197/05 सीकर
विष्णु कुमार अग्रवाल 1 विष्णु कुमार अग्रवाल 4/95 कोटपूतली
बाबूलाल बछेर 74/01, केसर देवी 2/01 जयपुर
हरिसिंह रावत ग्लेक्सी मिनरल्स 144/04 भीलवाड़ा
अफसरों से पूछे सवाल तो ये मिला जवाब
> मेरे पास कोई खान नहीं। (लीजधारक का नाम और नंबर बताने पर फोन काट दिया। फिर से किया तो उठाया नहीं।)
– मुकेश शर्मा, आईएएस
> मेरे और मेरे परिवार के नाम कोई खान नहीं है।
– रविप्रकाश महरड़ा, आईपीएस
> हां खानें थी लेकिन हमने पार्टनर को सरेंडर कर दी।
– ब्रजेंद्र झाला, रिटायर्ड आईपीएस
> मेरी या मेरे रिश्तेदारों की कोई खान नहीं है। नागौर की खानों के बारे में हो सकता है इसलिए कयास लगाए जा रहे हो क्योंकि मैं वहां कलेक्टर रहा हूं। मेरे वक्त ही वहां एनओसी जारी हुई थी।
– आलोक गुप्ता, आईएएस
> अमित मेरा बेटा है लेकिन खान की जानकारी नहीं है।
– एचआर कुड़ी, कार्यवाहक अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग
> मेरे बेटे के नाम से खान अलॉट हुई थी, हमने बहुत पहले सरेंडर कर दिया।
– पीएन रछोया, पूर्व आईपीएस
> मेरे व मेरे परिवार के नाम कोई खान नहीं।
– अशोक शेखर (मोबाइल मैसेज के जरिए बताया)
आईएएस अफसरों के रिश्तेदार भी पीछे नहीं
नाम खान नाम व नंबर कहां
लालचंद असवाल (रि.) 4 पूरणमल असवाल 268/98, 14/99, बालकिशन खटीक 460/93, राजेंद्र कुमार खटीक 461/93 जयपुर
आलोक गुप्ता 5 संदीप बंसल पुत्र बीके बंसल, पंकज गुप्ता पुत्र कुंजबिहारी, अंजू पत्नी, अजय कुमार गुप्ता, राजेंद्र पुत्र जगदीश शर्मा, नरेश द्विवेदी पुत्र विश्वभंर नागौर
जेपी विमल 1 शैलेष विमल (पुत्र) नागौर
मुकेश शर्मा 2 राधिका शर्मा (पत्नी) 45/02, पुष्पा देवी अजमेर, नागौर
पीएन भंडारी 2 तरुण धोड 291/93, 233/93 ऋषभदेव
आरएन मीणा 5 राहुल मीणा (पुत्र)505/02, 506/02, राकेश मीणा 1767/91, 1770/91, रामकुमार मीणा 507/02 अलवर
सोहन लाल 1 दर्शन लाल नागौर
हर्ष नारायण 1 अनुराग (पुत्र) 5/95 राजसमंद
शिवजी राम प्रतिहार 1 राजेश (पुत्र) 26/93 भीलवाड़ा

'खान'दान का सच: 203 नेता, 45 अफसरों के परिजनों के पास हैं 494 खानें 'खान'दान का सच: 203 नेता, 45 अफसरों के परिजनों के पास हैं 494 खानें

खाकी के घर में भी खानें
नाम खान नाम व नंबर कहां
जेपी मिश्रा 2 सुभाष मिश्रा 22/91, उदयकांत मिश्रा 1663/89 जालोर, राजसमंद
पीएन रछोया 1 कमलकांत 12/02 जयपुर
रवि प्रकाश मेहरडा 1 अमित मार्बल कंस्ट्रक्शन 216/91 राजसमंद
अनिल पालीवाल 1 श्रीराम शर्मा (रिश्तेदार) चौमूं, दादर
हवासिंह घुमरिया .. एमके घुमरिया (भाई) पाटन सीकर
गोविंद नारायण शर्मा 2 प्रतीक नारायण (पुत्र) 515/94, 523/94 राजसमंद
अफसर दफ्तर में, घर में कारोबार
नाम खान नाम व नंबर कहां
आजाद शर्मा (आरपीएस) 1 करण व्यास 53/02 राजसमंद
बंशीधर असवाल (आरपीएस) 1 प्रदीप असवाल 528/02 राजसमंद
एचएस मीणा (आरएएस) 2 राजरानी मीणा (पत्नी)107/98, 108/98 जयपुर
एचआर कुडी (आरजेएस) 1 अमित कुमार (पुत्र) 28/97 राजसमंद
शिवप्रसाद अग्रवाल (आरएएस) 1 भागीरथ अग्रवाल 243/97 राजसमंद
श्याम लाल गुर्जर (आरएएस) 1 एक्सीलेंट मारमो प्रा. लि.90/97 राजसमंद
सीएम खत्री राज्यपाल का पीए 1 सीएम खत्री 207/02 जालोर

 

 

 

 

Categories: National, Rajasthan

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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