प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या

प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या

शहरके सूरजपोल गेट बाहर चौहान कॉलोनी निवासी एक युवक का शव मंगलवार तड़के हाइवे किनारे पड़ा मिला। गश्ती दल ने शव को कब्जे में लेकर उसके पास मिले फोन के आधार पर उसकी शिनाख्त करते हुए शव को मोर्चरी में रखवाया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लगने पर पुलिस ने जांच की दिशा को आगे बढ़ाते हुए मृतक के परिजनों की रिपोर्ट और संदेह के आधार पर मृतक की प|ी को राउंडअप कर पूछताछ शुरू की तो पूरा मामला सामने गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की प|ी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया। इधर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंप दिया गया। बुधवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार सदर थाने का गश्ती दल मंगलवार तड़के दो बजे उदयपुर रोड पहुंचा। गश्ती दल प्रभारी एएसआई माणकचंद की नजर रोड किनारे पड़े किसी व्यक्ति पर पड़ी तो उन्होंने वाहन रुकवा कर जांच की। मौके पर एक युवक का अर्द्धनग्न शव पड़ा था। जिसके पास एक शराब का क्वार्टर भी पड़ा था और एक मोबाइल भी पड़ा था। मृतक के मोबाइल पर कॉल आने पर एएसआई माणकचंद ने कॉल अटेंड किया। कॉल करने वाले ने बताया कि वह मालियान चाैपड़ निवासी कमल किशोर है। माणकचंद ने उसे उदयपुर रोड बुलवाया। मौके पर पहुंचने वाले ने मृतक की शिनाख्त खुद के भाई विजय कुमार उर्फ विज्जू पुत्र मोहन सिंह गहलोत के रूप में की। उसने पुलिस को बताया कि मृतक खुद की बाइक पर था मगर मौके पर बाइक नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसआई माणक चंद ने तुरंत थाना प्रभारी रविंद्र सिंह को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलने पर सहायक पुलिस अधीक्षक देवाशीष देव खुद मौके पर पहुंच गए। इधर कुछ ही दूरी पर पुलिस को मृतक की बाइक रोड किनारे खड़ी मिल गई। पुलिस ने बाइक को कब्जे में लिया तथा शव को राजकीय अमृतकौर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

घरमें ही मिले साक्ष्य

जांचके दौरान जब पुलिस टीम मृतक के घर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था। पुलिस ने चाबी मंगवाई और ताला खुलवाया। इस दौरान मृतक की चप्पल घर के बाहर देखकर पुलिस काे संदेह हुआ। क्योंकि मृतक का शव नंगे पैर था। इस पर पुलिस ने मृतक के घर की जांच करने का तय करते हुए घर का निरीक्षण किया। बेडरूम में कुछ भी नहीं मिलने पर पुलिस ने ड्राइंगरूम का दरवाजा खोला तो कमरे ने सारा राज पुलिस के सामने खोल दिया। कमरे की छत पर खून के छींटे दिखे। जिस पर पुलिस ने पूरे घर का बारीकी से निरीक्षण किया तो घर में कई स्थानों पर खून के धब्बे मिले जिस पर पुलिस ने मोबाइल फोरेसिंक यूनिट को मौके पर बुलवाया। टीम के संजय कुमार ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

परिजनअड़े

इधरमोर्चरी के बाहर परिजन ने मामले की खुलासे से पहले पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे विधायक शंकर सिंह रावत ने एएसपी से फोन पर बात कर जांच की प्रगति जानी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजन को आश्वासन दिया कि मामले की गुत्थी सुलझ चुकी है बस कुछ कड़िया जोड़नी बाकी है। पुलिस ने भी आश्वासन दिया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। जिस पर परिजनों की सहमति पर पुलिस ने डॉ. महेंद्र चौधरी और डॉ. पुखराज चौधरी के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंप दिया।

प्रेमप्रसंग के चलते हत्या

प्रारंभिकपूछताछ में मृतक की प|ी मोना ने पुलिस को बताया कि रात को विजय गुटखा खाने की कहकर घर से निकला जो वापस नहीं लौटा। जिस पर उसने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि विजय घर पर नहीं आया। उसने कहा कि काफी रात होने के कारण वो पास ही अपने पीहर में जाकर सो गई। लेकिन पुलिस ने उसके घर पर मिले साक्ष्याें के आधार पर थोड़ी सख्ती की तो वह टूट गई। उसने पुलिस के सामने पूरा गुनाह कबूल करते प्रेम प्रसंग के चलते वारदात की पूरी कहानी सुना दी। जिस पर पुलिस ने मोना के प्रेमी रैगरान छोटा बास निवासी दिनेश पुत्र माणक चंद साहू को उसकी दुकान से गिरफ्तार किया।

ऐसेदिया अंजाम

पूछताछमें सामने अाया कि मोना और दिनेश के बीच 5-6 माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों आपस में शादी करना चाहते थे। लेकिन मोना की मृतक विजय से पहले ही दूसरी शादी थी और समाज का भी डर था। इस कारण दोनों ने सोच लिया कि विजय को रास्ते से हटाए बिना वो दोनों एक नहीं हो सकते। इस कारण उन्होंने करीब एक माह पूर्व ही विजय को रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया। आरोपियों ने बताया कि सोमवार को 9 बजे विजय शराब पीकर घर आया तथा ड्राइंगरूम में साे गया। रात को 10 बजे दिनेश अपने साथ एक हथौड़ा लेकर आया और ड्राइंगरूम में सो रहे विजय के सिर पर भरपूर प्रहार किया। जिससे विजय घायल तो हो गया, लेकिन विजय मरा नहीं। जिस पर दिनेश ने मोना से चाकू मंगवाया और घायल विजय का गला दो बार चाकू से रेंत दिया। हत्या पूरी तरह से दुर्घटना लगे इसी साजिश के तहत वारदात के बाद आरोपी दिनेश मृतक की बाइक लेकर उदयपुर रोड स्थित अपने प्लॉट पर गया। जहां उसने मृतक की बाइक खड़ी की तथा वहां से अपनी कार लेकर मृतक के घर आया। जहां मोना की मदद से मृतक का शव कार के पीछे रखा और रवाना हो गया। दिनेश के जाते ही मोना ने परिजन को फोन कर विजय के घर नहीं आने की बात कहते हुए पीहर चली गई। इधर दिनेश कार में मृतक के शव को उदयपुर रोड ले गया हादसा शराब के नशे में हुआ लगे इस मकसद से दिनेश ने शराब का पव्वा मृतक के मुंह पर उडेल दिया और कार लेकर मृतक की बाइक लेने रवाना हो गया। दिनेश मृतक की बाइक लेकर आता उससे पहले सदर थाना पुलिस का गश्ती दल वहां पहुंच गया। दिनेश जब बाइक लेकर वहां पहुंचा तो पुलिस को देखकर घबरा गया। उसने बाइक थोड़ी दूर ले जाकर खड़ी कर दी और घर जाकर सो गया। लेकिन गश्ती दल की तेजी और मुस्तैदी के कारण आरोपियों की होशियारी धरी रह गई।

सम्मानितकरने की अनुशंषा

सहायकपुलिस अधीक्षक देवाशीष देव ने बताया कि टीम में शामिल सदर थाना प्रभारी रविंद्र सिंह खींची, गश्त पर मुस्तैद रहने पर एएसआई माणकचंद, इंद्रसिंह, कांस्टेबल रणधीर, लक्ष्मीनारायण, शेरसिंह के रिवार्ड के लिए अनुशंषा की जाएगी।

 

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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