डॉक्टरों पर मरीज को तंग करने के आराेप

डॉक्टरों पर मरीज को तंग करने के आराेप

ब्यावर | एकतरफ राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय प्रशासन गुणवत्ता का अवार्ड हासिल करने की दौड़ में शामिल है दूसरी ओर अस्पताल के स्टाफ को लेकर आए दिन शिकायतें मिल रही हैं। बुधवार को महिला चिकित्सक पर प्रसव कराने के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए महिला के पति अन्य लोगों ने विराेध प्रदर्शन किया अौर पीएमओ को ज्ञापन सौंपा। वहीं दो मरीजों ने डाॅक्टर पर इलाज पूरा हुए बिना मरीजों को वार्ड से निकाल देने का आरोप लगाया।

आॅपरेशनके मांगे पैसे : अजमेररोड निवासी पुष्पेन्द्र गहलोत के अनुसार गत सोमवार शाम को उनकी प|ी खुशबू को वे राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.उर्मिला पोरवाल ने जांच कर बताया कि बच्चे की जान को खतरा है। इसके लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के लिए उन्होंने पैसों की भी मांग की। गहलोत ने शिकायत करने की चेतावनी दी ताे डॉक्टर ने धमकी देते हुए कहा कि उनके अतिरिक्त इस अस्पताल में कोई ऑपरेशन नहीं करेगा और जहां जा कर शिकायत करनी है,वहां जाकर कर सकते हो। तब गहलोत अपनी प|ी को प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां में बिना ऑपरेशन के ही प्रसव करवाया गया। गहलोत अन्य ने पीएमओ को ज्ञापन सौंपकर महिला चिकित्सक उर्मिला पोरवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रामेश्वर प्रसाद, राकेश चौहान, अशोक चौहान, हनुमान चौधरी, मोनू काठात, प्रवीण, उम्मेद सिंह, नवीन कुमार तंवर, महेश प्रजापत आदि उपस्थित थे। इस संबंध में अॉपरेशन के लिए पैसे मांगने का आरोप नकारते हुए डॉ. पोरवाल का कहना है कि उन्होंने महिला को चेक करने के बाद परिजन से आॅपरेशन करने या सामान्य प्रसव का इंतजार, दोनों में एक फैसला करने काे कहा था लेकिन परिजन उन्हें सूचित किए बिना चले गए।

मरीजोंको वार्ड से निकाल दिया : नृसिंहपुरानिवासी सलीम ने बताया कि उसकी मां रूकमा (43) प|ी इब्राहिम की मंगलवार रात से ही तबियत खराब हो रही थी। बुधवार सुबह चिकित्सकों ने फीमेल वार्ड में भर्ती कर लिया। जहां वार्ड के स्टॉफ की ओर से ड्रिप भी लगाई गई। कुछ देर बाद ही वार्ड में मरीजों की जांच के लिए चिकित्सक प्रमोद सक्सेना निरीक्षण के लिए आए। उन्होेंने बिना जांचे बीच में ही ड्रिप को बंद कर स्टाफ कर्मचारियों को वार्ड से बाहर निकालने को कह दिया। स्टाफ कर्मचारियों ने बदसलूकी करते हुए वार्ड से बाहर निकाल दिया। मरीज की हालत खराब होने के कारण उनसे चला भी नहीं जा रहा था। जिस कारण वह अस्पताल के मुख्य गेट पर लेट गई। इसी तरह ग्राम नानणा के सोढपुरा निवासी जल्लाउद्दीन ने आरोप लगाया कि उसकी बहू जरीना(40)प|ी अशरफ अली को सुबह वार्ड के राउण्ड पर डॉ.प्रमोद सक्सेना ने बिना कुछ बताए मरीज को वार्ड से ले जाने को कह दिया। वार्ड के ही स्टाफ कर्मचारी ने कहा की यदि वार्ड में रहना है तो डॉक्टर के घर पर जाकर मिलो। इस संबंध में डॉ.प्रमोद सक्सेना का कहना है कि वार्ड में कुल 28 पलंग हैं जहां 31 मरीज वार्ड में भर्ती थे। इसी व्यवस्था को ठीक करने के लिए जो मरीज सही थे। उन्हें छुट्टी दी गई थी।

ब्यावर. विरोध में ज्ञापन देने आए परिजन।

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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