छह लाख करोड़ के हाईवे प्रोजेक्‍ट की घोषणा, निवेशकों के लिए गोल्‍डन अवसर

छह लाख करोड़ के हाईवे प्रोजेक्‍ट की घोषणा, निवेशकों के लिए गोल्‍डन अवसर
नई दिल्‍ली। देश के इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर को वर्ल्‍ड क्‍लास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 93 बिलियन डॉलर यानी लगभग छह लाख करोड़ रुपए के हाईवे प्रोजेक्‍ट की घोषणा की है। इन प्रोजेक्‍ट के क्रियान्‍वयन से देश के इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर की पूरी तस्‍वीर बदल जाएगी। इसकी घोषणा करते हुए सरकार ने निवेशकों के लिहाज से इन हाईवे प्रोजेक्‍ट को अनोखा बताया है। सरकार पहले पांच वर्षों के लिए 100 फीसदी टैक्‍स छूट और अगले पांच वर्षों के लिए 30 फीसदी टैक्‍स छूट देगी, जिसका लाभ 20 वर्षों तक लिया जा सकता है। 93 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्‍ट में 45 बिलियन डॉलर का रोड बिल्डिंग प्रोग्राम एनएचडीपी भी शामिल है, जो केंद्र सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम है।
ग्रीनफील्‍ड और ब्रॉउनफील्‍ड दोनों प्रोजेक्‍ट के मॉडल हैं इनमें
रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्‍ट्री ने हाईवे प्रोजेक्‍ट की एक पूरी लिस्‍ट जारी की है। मिनिस्‍ट्री के मुताबिक, ग्रीनफील्‍ड (हाईब्रिड एन्‍यूटी) और ब्राउनफील्‍ड प्रोजेक्‍ट (मोनेटाइजेशन) दोनों के लिए नये मॉडल बनाए जा रहे हैं। इन दोनों मॉडल के तहत तमाम तरह के निवेश के अवसर उपलब्‍ध हैं, जिनका निवेशक खूब फायदा ले सकते हैं।
45 बिलियन डॉलर का 20,000 किलोमीटर का एनएचडीपी
बिडर्स को लुभाने के लिए मिनिस्‍ट्री ने उनसे इस सेक्‍टर में उभर रहे अवसरों पर नजर डालने के लिए कहा है। मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि सिर्फ 20,000 किलोमीटर एनएचडीपी में अगले तीन वर्षों में 45 बिलियन डॉलर का निवेश होने जा रहा है।
एनएचडीपी है दुनिया का सबसे बड़ा पीपीपी डेवलपमेंट प्रोग्राम
नेशनल हाईवे बिल्डिंग प्रोजेक्‍ट (एनएचडीपी) सरकार का फ्लैगशिप रोड बिल्डिंग प्रोग्राम है, जिसके तहत वर्तमान नेशनल हाईवे को विभिन्‍न चरणों में विश्‍वस्‍तरीय सड़कों में बदला जाएगा। यह दुनिया में सरकार की लीडरशिप में चलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा पीपीपी डेलवपमेंट प्रोग्राम है। मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि उसकी योजना 26,000 किलोमीटर के एनएच प्रोजेक्‍ट अवार्ड करने की है। इनमें से 20,000 किलोमीटर एनएचडीपी प्रोजेक्‍ट भी शामिल हैं।
हाईवे सेक्‍टर पर डाक्‍यूमेंट जारी करेगी सरकार
सरकार हाईवे सेक्‍टर पर एक डाक्‍यूमेंट रिलीज करने जा रही है। इसमें शामिल अवसरों में 6000 किलोमीटर का 12 बिलियन डॉलर का भारत माला प्रोजेक्‍ट, 15 बिलियन डॉलर का दूसरा प्रोजेक्‍ट जिसके तहत देश के 123 जिला मुख्‍यालयों को कनेक्ट किया जाएगा और 8 बिलियन डॉलर का तीसरा प्रोजेक्‍ट जिसके तहत दो वर्षों में 350 ब्रिज/आरओबी बनाए जाएंगे, शामिल हैं।
‘चार धाम प्रोजेक्‍ट’ से 2500 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा
इनके अलावा, इसमें ‘चार धाम’ प्रोजेक्‍ट शामिल है, जिसके तहत 8 बिलियन डॉलर की लागत से 2500 किलोमीटर के पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं 5 बिलियन डॉलर की लागत से नोर्थ-ईस्‍ट और सीमावर्ती क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
10,000 किलोमीटर हाईवे का इस साल होगा निर्माण
सरकार ने कहा है कि उसका लक्ष्‍य सिर्फ इस साल 10,000 किलोमीटर के हाईवे प्रोजेक्‍ट का निर्माण करना है और इन प्रोजेक्‍ट को जल्‍द अवार्ड भी कर दिया जाएगा। सरकार ने इन प्रोजेक्‍ट को फाइनैंशियली बेहद आकर्षक बताते हुए निवेशकों के लिए बेहतरीन बताया है। सरकार ने कहा है कि पूरी प्रोसेस में पर्याप्‍त सुधार किए गए हैं और ये रिस्‍क/रिटर्न अपेटाइट पर आधारित हैं।
100 फीसदी टैक्‍स छूट पांच वर्षों के लिए
मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि एचएचएआई प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट के 40 फीसदी तक कैपिटल ग्रांट (वायबिलिटी गैप फंडिंग) उपलब्‍ध करा रहा है। इसके अलावा, सरकार पहले पांच वर्षों के लिए 100 फीसदी टैक्‍स छूट और अगले पांच वर्षों के लिए 30 फीसदी टैक्‍स छूट देगी, जिसका लाभ 20 वर्षों तक लिया जा सकता है।
पेंशन और बीमा फंड का भी होगा उपयोग
मिनिस्‍ट्री पेंशन और बीमा फंड जैसे लॉन्‍ग टर्म फंड सोर्स समेत विभिन्‍न इन्‍वेस्‍टमेंट स्रोत को एक्‍सप्‍लोर कर रही है। इसके लिए फाइनैंस मिनिस्‍ट्री और आरबीआई से भी मशविरा किया जा रहा है।
80 रुके प्रोजेक्‍ट को शुरू किया जाएगा
इसके अलावा, सरकार 80 उन प्रोजेक्‍ट की राह भी आसान करेगी, जो विभिन्‍न रेग्‍युलेटरी कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। 85 प्रोजेक्‍ट को रेलवे क्‍लीयरेंस दी जाएगी और 34 प्रोजेक्‍ट के लिए डेवलपर्स के साथ सरकार गोल्‍डन हैंडशेक को बढ़ावा देगी। इन प्रोजेक्‍ट से जुड़ी कानूनी पेचीदगियों को जल्‍द दूर करने की कोशिश होगी।
भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क

भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। यह 4.80 मिलियन किलोमीटर का है। इसमें एनएच दो फीसदी ही है, लेकिन वे 40 फीसदी ट्रैफिक वहन करते हैं। एनएच से 65 फीसदी फ्रेट और 80 फीसदी पैसेंजर ट्रैफिक की आवाजाही होती है।

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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