बयानो की राजनीती और देश का मिडिया

बयानो की राजनीती और देश का मिडिया

BDN :- स्पेशल रिपोर्ट :-
बयानो की राजनीती और देश का मिडिया :-
इन दिनों देश में कभी धर्म के नाम पे कभी किसी अफजल गुरू के नाम पे तो कभी किसी भी अन्य मुद्दे को हवा देकर देश की शान्ति को भंग करने का घिनोनि साजिश का काम चल रहा हे वह बंद हो । नेता रातो रात सुर्खियों में आने के लिए या किसी को अपनी नई नई राजनीति को चमकाने के लिए बिना नफ़ा नुकसान सोचे धर्म के नाम पे, देश के नाम पे कुछ भी अनर्गल बयान देश के खिलाफ या धर्म के खिलाफ जारी कर देते हे और कुछ चापलूस टी वी चेनल अपनी TRP के चक्कर में उसे सुबह से शाम दिन दिन भर उस बयान को इसे दिखाते रहते हे जेसे मिडिया के पास और काम हे ही नहीं केवल वही बयान बार बाए दिखाने के अलावा ।
कोई कहता हे में बिफ खाउंगा कोई कहता हे भगवान् राम निष्ठुर थे और उनपे कोर्ट में केस करता हे और अफजल गुरु जिदाबाद के नारे भी दिन भर मिडिया दिखाती रही आदि आदि ।
कोनसे धर्म में क्या होता हे और राष्ट्र धर्म क्या होना चाहिए इन मुद्दों को राजनीति से दूर रखना चाहिए । ये सभी मुद्दे उनके धर्म गुरुओ के ऊपर और देश के कानून के ऊपर छोड़ देना चाहिए । ताकि देश को अस्थिर करने वाली शक्तियों को मोका ना मिले ।
देश का मिडिया कब अपनी जवाबदारी समझेगा । क्या इन्हें कानून से समझाना पड़ेगा ? जब सरकार मीडिया पे नकेल कसेगी तब फिर गला फाड़ फाड़ के चिल्ला चिल्ला के कहेंगे की ये तो मीडिया की आज़ादी पे अंकुश हे । मीडिया की आज़ादी पे हमला हे ।
तो क्यों नहीं देश की मिडिया अपना राष्ट्र धर्म और मीडिया धर्म का पालन करे ।
में एक बात जानना चाहता हु की JNU में छात्रों पे नारे लगाने पे देश द्रोह का मुकदमा दर्ज हुवा, तो क्या दिन भर देश द्रोह के नारे चेनल पे दिखाने के लिए कोई छोटा मोटा मुकदमा इन चेनल के खिलाफ दर्ज नहीं होना चाहिए ?

इससे अच्छा यह होता हम सभी देश वासियों को देश के विकास की बात करनी चाहिए और विकास के लिए नई नई योजनाओं की रणनिति बनानी चाहिए । इन नेताओं और अवसर वादियों और देश को अलग अलग धर्म के नाम पे दल दल में धकेलने वाले स्वार्थियो की पहचान कर उनका बहिष्कार करना चाहिए और जो नेता देश के खिलाफ और अन्य धर्मो के खिलाफ जो समय समय पे जहर उगलते रहते हे उनके खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें बंद कर देना चाहिए । इलेक्ट्रोनिक मीडिया को भी उनके देश द्रोही और धार्मिक भावना भडकाने वाले बयानों को प्रसारित नहीं करना चाहिए जिस कारण देश में अस्थिरता फेलती हो । इन दिनों देखा जा रहा हे की टी वी के कुछ प्रमुख चेनल ऐसे भडकाने वाले बयानों को दिन भर दिखाते रहते हे पता नहीं वो ऐसा क्यों करते हे या उनका कोई निजी स्वार्थ हे ? इस पे सरकार को कानून बना के लगाम लगानी चाहिए और ऐसे बयानों को राष्ट्र द्रोह की श्रेणी में लेना चाहिए जिससे ऐसे बयान देने और उनको प्रसारित करने वाले दोनों पे लगाम लग सके ।

टी वि मीडिया इस तरह के दुर्भावना वाले प्रयत्न के बजाय विकास के मुद्दे और देश की एकता और अखंडता की बात करे तो देशवासियो के दिल में पोजिटिव विचारधारा का विकास होगा अन्यथा दिमाग में जहर भरने का काम तो चल ही रहा हे ।
हेमेन्द्र सोनी BDN @ ब्यावर
चिन्तक लेखक विचारक

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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