पढ़ाई और नोकरी में कोचिंग सेंटर की भूमिका

पढ़ाई और नोकरी में कोचिंग सेंटर की भूमिका

पढ़ाई नोकरी और कोचिंग सेंटर
आज के इस युग में पढ़ाई लिखाई के बिना सब सुना सूना हे, और आज तो पूरा जमाने ही कम्प्यूटर का हो गया हे किसी भी काम को शुरू करने के पहले कम्प्यूटर का ज्ञान होना जरुरी हे, अगर आपको मोबाइल भी चलाना हे या किसी भी विभाग में काम करना हो तो आपको उसकी जानकारी होना आवश्यक हे ।
इन सब बातो का उद्देश्य यही हे की आज की पीढ़ी को शिक्षा की बहुत ज्यादा जरुरत हे । इसी जरुरत को देखते हुए पुरे देश में शिक्षा संस्थानों की बाढ़ आई हुई हे और शिक्षा एक व्यापार के रूप में फल फूल रही हे । कोचिंग सेंटरों पे पढ़ाई के साथ साथ नोकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थीयो को भी शिक्षा दी जाती हे और कम्पीटीशन एक्जाम की तैयारियां भी कराई जाती हे ।
जेसे जेसे शिक्षण संस्थाओ की संख्या में इजाफा हो रहा हे उसके अनुरूप ही कोचिंग सेंटरो और रोजगार देने वाली शिक्षण संस्थाओ की संख्या भी दिनों दिन कुकुर मुत्तो की तरह बढ़ती जा रही हे ।
प्रत्येक बच्चे के माता पिता यही जाते हे की मेरा बेटा या बेटी सबसे अच्छे अंको से पास होवे जिससे समाज में मेरी प्रतिष्ठा को चार चाँद लगे, अपने माता पिता की इन्ही ख्वाहिशो को पूरा करने का मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और सामाजिक दबाव बच्चों पे रहता हे ।
कई बार पढ़ाई के इसी दबाव के तहत बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हे , ना तो उनको खेलने का मोका मिलता हे और ना ही पारिवारिक महोल में उठने बैठने का वक्त मिलता हे वो एकाकी होता चला जता हे और उसकी दुनिया मोबाइल, किताबे, कम्प्यूटर कोचिंग और उसके दोस्त ही उसकी दुनिया होने लगती हे । उसको पढ़ाई के कारण वो चाहते हुए भी नाते रिश्तों को निभाने का वक्त नहीं मिलता हे ।
पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियो की इन्ही सामाजिक, पारिवारिक और मनोवैज्ञानिक दबाव जेसी मजबूरियों का फायदा ये कोचिंग संस्थान वाले उठाते हे, विद्यार्थियो को इसके लिए मुंह मांगी फ़ीस इनको देनी पड़ती हे और एक एक क्लास में 50 से 125 बच्चे तक बिठा के पढ़ाया जता हे । कही कही तो नोट्स के नाम पे भी पैसे ले लिए जाते हे । कही कही तो गारन्टी से पास कराने का लालच देकर और सुनिश्चित रोजगार का वादा कर लाखो रुपयो का सोदा भी कर लिया जाता हे विद्यार्थी बड़े बड़े लुभावने विज्ञापनों के जाल में भी कई बार फंस सकता हे । लेकिन कभी भी इन कोचिंग सेंटरों की जांच नहीं की गई की ये कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड हे या नहीं या कही ये बिना राजिट्रेशन के ही तो अपना व्यापार नहीं कर रहे हे । यदि बिना रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थान अपने यहाँ छात्रो का पंजीयन कर और मोटी फ़ीस जमा कर कुछ दिनों बाद गायब हो गया तो विद्यार्थीयो को आर्थिक हानि के साथ साथ अपना कॅरियर और साल भी खराब हो सकता हे । इस लिए विद्यार्थी किसी भी कोचिंग सेंटर में एडमिशन के पहले इस बात की जांच जरूर करे की वो संस्था रजिस्टर्ड हे या नहीं और उसका पुराना रिकार्ड की जरूर जांच करे उसके बाद ही एडमिशन ले अन्यथा पैसे के साथ साथ साल और प्रतिष्ठा भी खराब हो सकती हे । अपन और माता के सपने पुरे करने के लिए इन छोटी छोटी बातो का अवश्य ध्यान रखे ।
हेमेन्द्र सोनी @ BDN ब्यावर

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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