भारत-बांग्लादेश में बस्तियों की अदला बदली पूरी, 50 हजार लोगों को मिली पहचान

भारत-बांग्लादेश में बस्तियों की अदला बदली पूरी, 50 हजार लोगों को मिली पहचान
च बिहार(प. बंगाल). भारत और बांग्लादेश के बीच शनिवार की सुबह बेहद खास है। शुक्रवार आधी रात दोनों मुल्कों के बीच बस्तियों की ऐतिहासिक अदलाबदली हो गई। इसी के साथ करीब 51,549 ऐसे लोगों को मुल्क मिल गया जो पिछले 68 सालों में किसी देश का हिस्सा नहीं थे। न भारत के, न बांग्लादेश के। लेकिन अब इन लोगों ने अपनी पसंद से नागरिकता चुनी है।
भारत में – 51 बांग्लादेशी बस्तियों में 14,856 लोग रहते हैं। इनमें से कोई भी बांग्लादेश नहीं गया।
बांग्लादेश में- 111 भारतीय बस्तियों में 37,369 लाेग रहते हैं। इनमें कुल से 979 लाेग भारत आ रहे हैं। इनमें 163 मुसलमान हैं।
>बांग्लादेश से आने वाले लोगाें को इस साल 30 नवंबर तक भारतीय सीमा में आ जाना होगा।
>सरकार भारत में शामिल हुए लोगों के पुनर्वास के लिए 3048 करोड़ रुपए का पैकेज दिया है।
>भारत-बांग्लादेश के बीच 162 बस्तियों का लेन-देन 1947 के बंटवारे के समय से अटका था।
>बांग्लादेश को भारत 17 हजार 160 एकड़ जमीन दे रहा है। जबकि बांग्लादेश से हमें 7110 एकड़ जमीन मिल रही है।
>कलाम के निधन के कारण जश्न का कार्यक्रम नहीं हुआ।
1975 में हुआ था समझौता
एनक्लेव में रहने वालों की अदलाबदली के लिए सबसे पहले 1975 में भारत-बांग्लादेश के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 जून की बंगलादेश यात्रा के दौरान समझौते के अमल के करार पर दस्तखत किए गए थे।

 

भारत-बांग्लादेश में बस्तियों की अदलाबदली पूरी, 50 हजार लोगों को मिली पहचान

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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