खाकी की घटिया हरकत पर ब्यावर हुआ शर्मशार

खाकी की घटिया हरकत पर ब्यावर हुआ शर्मशार

खाकी की घटिया हरकत पर जमकर थूृ-थू, कई संगठनों ने की भत्र्सना

देश के भविष्य को अंधकार में करने वालों पर कार्यवाही की मांग

शहर भाजपा के मंडल अध्यक्ष पद पर काबिज जयकिशन बल्दुआ परिवार के गृहप्रवेश कार्यक्रम में भाग लेने हेतु अनुबंधित एक इवेन्ट कंपनी के जिन पार्टटाइम कर्मचारी के रूप में सेवाएं देने वाले जयपुर के युवा छात्र-छात्राओं सहित इवेन्ट कंपनी के मैनेजर व ब्यावर में गृहप्रवेश कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने वाले आयोजक परिवार के परिचितों को सदर थाना पुलिस ने रविवार की रात पीटा एक्ट में गिरफ्तार कर उन पर अनैतिक देह व्यापार का संदेह जताते हुए षड्यंत्रपूर्ण कार्यवाही की उसकी जिलेभर में व्यापक निन्दा की जा रही है। पुलिस की संदिग्ध व दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही में वाह-वाही बटोरने के मोह से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन बंसल भी अछूते नहीं रहे और उनकी निगेहबानी में सारी हरकत को जिस घटिया तरीके से अंजाम दिया गया उससे पूरे पुलिस महकमे पर लोग थू-थू कर रहे हैं। इस पूरे मामले की सोशल मीडिया पर चली जोरदार खबरों ने देशभर के लोगों को झकझोर दिया क्योंकि पुलिस ने कॉलेज में पढऩे वाले तथा आईएएस, एमबीए, इंजीनियरिंग, बीएड व एमए, बीकॉम जैसी पढ़ाई व कोचिंग से जुड़े बच्चों का भविष्य खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

पुलिस की बदनीयत, झूठे साक्ष्य जुटाये

जनाक्रोश की बात इसलिए भी है कि इस मामले में खाकी का दागी चेहरा बेनकाब होकर आया है जिसमें उसने न केवल अच्छे घरों की युवा लड़कियों पर अपनी नीयत खराब की बल्कि जान-बूझकर उन्हें थाने में रखने की नीयत से पहले तो सोमवार को कोर्ट बंद होने से पांच मिनट पहले अदालत में पेश किया ताकि उनकी जमानत पर कोई कार्यवाही नहीं हो सके और जब जमानत नहीं हुई तो पुलिस को तीन दिन का रिमांड मांगा। हालांकि कोर्ट ने एक दिन का ही रिमांड दिया। लेकिन यह पुलिस की बदनीयती का प्रमाण है। इतना ही नहीं अपने आपको चरित्रवान बताने वाले पुलिसकर्मियों ने शहर के रानीबाग रिसोर्ट में अपने कमरे में अकेली ठहरी लड़कियों को नाश्ता करते हुए उठाकर थाने ले आई और लडक़ों को रेस्टोरेन्ट में खाना खाते उठाकर उन पर पीटा एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया। जबकि देर रात पुलिस वालों के साथ इस पूरी कार्यवाही में कोई भी महिला पुलिसकर्मी तक नहीं थी। खाकी वर्दी का यह गैरकानूनी व घोर आपत्तिजनक कारनामा तो था ही, इससे भी ज्यादा घृणित बात यह रही कि पुलिसकर्मियों ने रिसोर्ट के पार्किंग स्थल पर एक कार के नीचे से गर्भनिरोधक का रेपर उठा लिया और उसे इस घटना में कमरे से बरामदगी दिखाकर अपने दागिल चेहरे को चमकाने का असफल प्रयास किया। लड़कियों को देह व्यापार से जोडऩे के लिए अपने ही आरोपी व पिट चुके पुलिसकर्मियों को 500-500 रूपए देकर भेजा बोगस ग्राहक बताकर झूठी कहानी बना डाली।

लाइन मारने पहुंचे थे पुलिस वाले

जमानत पर उपकारागृह से बाहर आने के बाद एक युवक ने पत्रकारों के सामने सारी हकीकत बयान की जो अपने आपमें चौंकाने वाली व शर्मसार कर देने वाली है। उसने कहाकि दो पुलिसकर्मियों ने सादी वर्दी में शराब पीकर गणगौर होटल में आकर लड़कियों को कहाकि ‘कोई फ्री है क्या?’ इनके साथ एक सरपंच व एक प्रेस रिपोर्टर भी था। इस बात पर लड़कियों ने उन्हें तमीज से बात करने को कहा तो वे हाथापाई पर उतर आये। इवेन्ट कंपनी के मैनेजर व आयोजक परिवार के लोगों ने उनकी जमकर धुनाई कर दी। इसकी वजह यह थी कि यह लोग इवेन्ट कंपनी के साथ आई लड़कियों पर लाइन मारना चाहते थे। इतना ही नहीं उन्होंने लड़कियों को वैश्या तक कह डाला। इस बात से लड़कियां बेहद आहत हुई तो इवेन्ट कंपनी वालों द्वारा उनकी धुनाई की गई। किसी भी लडक़ी को वैश्या कहना अपने आपमें गंभीर अपराध है। पुलिस वाले खुदको दुत्कार दिये जाने के बाद शोर-शराबा कर माहौल बिगाडऩे पर उतर गये। यह सब देख लड़कियों ने गणगौर होटल में ठहरने से मना कर दिया तब उन्हें रानीबाग रिसोर्ट में ठहराने हेतु रवाना किया गया।

लड़कियों के झडक़ने की झल्लाहट

पुलिस वालों के दलाल के रूप में सामने आये मीडियाकर्मी को भी लड़कियों की यह लताड़ भीतर तक कचोट गई। परिणाम यह हुआ कि उसने खुद ने एक इनोवा गाड़ी में गणगौर होटल से रानीबाग रिसोर्ट में शिफ्ट हुई लड़कियों का पीछा किया और पुलिस के दलाल होने के कारण उन्हें लड़कियां नहीं परोस पाने की खीज में सदर थाना पुलिस व अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर पूरी घटना को सेक्स रैकेट का नाम दे दिया। पुलिस वालों ने भी इस खबर को चटकारेदार मान सनसनीखेज बनाने में कसर नहीं छोड़ी और अपनी औकात पर आकर सारा गुलगपाड़ा कर दिया। जबकि पुलिस प्रथम दृष्टया ही केस को फर्जी मान चुकी थी लेकिन चूंकि अजमेर से पुलिस अधिकारी यहां आ धमके और उन्हें भी अपनी प्रवीणता दिखाने का ऐसा चस्का लगा कि वे यह भी भूल गए कि आरोपी बनाई जा रही लड़कियां उनकी अपनी बहन-बेटियां भी हो सकती है।

लड़कियां जमानत के बाद भी बाहर नहीं निकली

जमानत मंजूर हो जाने के बावजूद आरोपी युवकों को तो ब्यावर के उपकारागृह से देर शाम आजाद कर दिया गया लेकिन अजमेर की नारी शाला में बंद युवतियों को इसलिए बाहर नहीं निकाला जा सका क्योंकि जमानत के आदेश वहां तक पहुंचने में 5 मिनट की देरी हो गई। यह भी प्रशासन की असंवेदनशीलता का ही नमूना है वरना देश की सारी घडिय़ां एक-सा समय नहीं दिखाती। इस प्रकरण में महिला मजिस्ट्रेट द्वारा मंगलवार को जमानत खारिज करना और सोमवार को 4.55 बजे मामला पेश होने के नाम पर एक दिन टालना एक महिला न्यायिक अधिकारी की संवेदनहीन भूमिका के रूप में न्यायालय परिसर में चर्चा का विषय रहा।

सामाजिक संगठनों में आक्रोश

इस मामले को लेकर समाज सेविका पुष्पांजलि पारीक, लादूराम वर्मा, गोरधन लौहार, मिलन मारोठिया, मानवाधिकार सुरक्षा समिति के विजय वर्मा, चांगगेट व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील सकलेचा, भंवरसिंह चौहान, एबीवीपी व एनएसयूआई, मुस्लिम महासभा, अखिल भारतीय जैन विद्यार्थी परिषद के मोहित काठेड़ व मनीष जांगड़ा सहित अनेक संगठनों ने पुलिस के घटिया आचरण की निन्दा करते हुए निष्पक्ष जांच करने व दोषियों को दण्डित करने की मांग करते हुए एसडीओ को ज्ञापन सौंपा है।

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विधायक ने एडिशनल एसपी समेत पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग की

तीन दिन से ब्यावर में भाजपा नेताओं के घर आये मेहमानों को सेक्स रैकेट से जुड़े लोग बताकर जिस तरह की पुलिस कार्यवाही की खबरें सामने आ रही है, उन्हें क्षेत्रीय विधायक शंकरसिंह रावत ने एकदम झूठी, मनघडन्त, आधारहीन व दुर्भावनापूर्ण बताया है। कॉलेज के जिन युवक-युवतियों को पुलिस ने पीटा एक्ट में झूठा फंसाया, इस प्रकरण में मीडिया ने कई रहस्य उजागर कर पुलिस को बेनकाब कर दिया है। इस घटना को लेकर बुधवार को क्षेत्रीय विधायक शंकर सिंह रावत ने अजमेर के एसपी गगनदीप ब्लग्गन को फोन पर सारी घटना बताते हुए एडिशनल एसपी विपिन बंसल सहित सदर थाने को सस्पेंड करने की मांग की। विधायक ने तीन दिन में पुलिस द्वारा झूठे साक्ष्य इकट्ठा करने, आरोपी पुलिस वालों, सरपंच व दलाल प्रेस रिपोर्टर को सामने नहीं लाने, भाजपा नेता की छवि खराब करने, कॉलेज में पढऩे वाले तथा हायर एज्युकेशन की कोचिंग करने वाले युवक-युवतियों का करियर खराब करने की साजिश रचकर उन्हें पीटा एक्ट में फंसाने के पूरे मामले की जांच की मांग की। विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि गणगौर होटल में ठहरे इवेन्ट कंपनी के युवक-युवतियों को रात में होटल क्यों छोडऩा पड़ा और वहां उनके साथ दुव्र्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी कौन थे, इस मामले का भी खुलासा किया जाए। विधायक ने पूरे मामले को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराने के साथ ही गृहमंत्री को भी हकीकत बताने की बात कही है। उन्होंने कहाकि अगर इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती है और दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया जायेगा तो वे सीबीआई से भी जांच की मांग करेंगे। विधायक ने हायर एज्युकेशन से जुड़े युवा जो आईएएस व आरएएस की कोचिंग कर रहे हैं, एमबीए व इंजीनियरिंग के स्टूडेंट है और अपने हाथ खर्च के लिए इवेन्ट कंपनी में कभी-कभार काम कर 5-4 हजार रूपए कमा लेते हैं, उन्हें अनैतिक देह व्यापार जैसे घिनौने आरोप लगाकर मुकदमे में फांसना एक तरह से उनका कैरियर बर्बाद करने जैसा कदम है। विधायक ने पुलिस की संवेदनहीनता पर भी दु:ख जताया और कहाकि अगर आरोपी किसी ने भी कोई गंभीर कदम उठाया तो उसका जिम्मेदार पुलिस विभाग होगा।

विधायक की इस शिकायत पर एसपी गगनदीप ब्लग्गन ने भी स्वीकारा कि तीन दिन से ब्यावर में चल रही गतिविधियों की उन्हें भी खबर मिल रही है और वे इस मामले में निश्चित रूप से निष्पक्ष जांच करायेंगे। उन्होंने दोषी पाये जाने पर पुलिसकर्मियों को भी नहीं बक्शने का भरोसा दिलाया।

प्रस्तुति : रामप्रसाद कुमावत, दैनिक ‘निरन्तर’ ब्यावर।

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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