ब्यावर गैस सिलेंडर दुखांतिका, 5 की दुखद मोत 21 घायल, हलवाई बना हादसे का मुख्य सूत्रधार

BDN
खुशिया बदली गम में
ब्यावर गैस सिलेंडर दुखांतिका, 5 की दुखद मोत 21 घायल, हलवाई बना हादसे का मुख्य सूत्रधार
? हलवाई की लापरवाही ने निगलि 5 जिंदगिया ?

नंद नगर , ब्यावर के कुमावत भवन में चल रहे पाटनेचा परिवार में शादी समारोह में मायरा के कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद सभी परिवार जन अपने अन्य कार्यो में लग गए और कुछ मेहमान आराम कर रहे थे, दूल्हा मेहंदी लगवा रहा था, इसी दौरान रसोई में खाना बनाते समय यह हादसा हुवा ।
कुल कितनी मोत एवं कितने घायल :- गैस सिलेंडर विस्फोट से अभी तक कुल 5 मोत हो चुकी है । 21 घायल हुये । घाहलो में से 6 गंभीर घायलो को अजमेर रेफर किया गया,
हादसे का मुख्य कारण यह रहा :- इस पूरी घटना का मुख्य कारण हलवाई की लापरवाही ओर उसका लालच रहा । हादसे का मुख्य कारण जो सामने आया है वह यह कि हलवाई एक सिलेंडर से बची गैस दूसरे सिलेंडर में ट्रान्सफर कर रहा था इसी दौरान गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली, ओर हलवाई ने जलता सिलेण्डर दूर फेक दिया जिससे वह फट गया । जिसके धमाके से बिल्डिंग गिर गई और उसमें रखे अन्य सिलेंडर भी फट गए, एक के बाद एक 3 धमाको से पूरा भवन मलबे में बदल गया ।
इन धमाको से कुमावत भवन सहित आस पास के लगभग 10 – 12 मकानों में भी काफी नुकसान हुवा ।
वहां खड़ी 2 कारे भी मलबे में दब गई ।
धमाके के बाद आस पास के अनेक लोगो ने ओर वहां पहुचे जांबाज लोगो ने प्रशासन और NDRF की टीम के साथ मौके पर राहत कार्य कर मलबे में से घायलो को बाहर निकाला और अस्पताल पहुचाया । इस दौरान अनेक युवाओ ने ओर सामाजिक संगठनो ने अपनी हिम्मत और बहादुरी एवं मानवता का परिचय देते हुए राहत कार्यो में हिस्सा लिया । दर्शको ने इन सहयोगियों की मानवता, हिम्मत, ओर जज्बे की तारीफ की ।
सोशियल मीडिया बनी मददगार :- इस हादसे की सूचना जैसे ही सोशियल मीडिया पर शहर में वायरल हुई, वैसे ही राहत कार्यो में मदद करने के लिए , अनेक सामाजिक ओर स्वयं सेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुच कर राहत कार्यो में सहयोग दिया ।
पुलिस अधिकारी, जिला कलेक्टर गोयल, एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विधायक, सभापति,  पार्षद, सामाजिक संगठनों के अनेक समाज सेवी एवं युवाओ आदि ने मोके पर पहुच कर राहत कार्य में हाँथ बंटाया और जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश दिए |
शहर के नागरिको की जबान पर राजसमन्द सांसद हरिओम सिंह राठोड के नहीं पहुचने और कुशल क्षेम नहीं पूछने की चर्चा रही ,
अभी तक सांसद, विधायक, जिला कलेक्टर , या मुख्यमंत्री राहत कोष से किसी भी प्रकार की सहायता राशि की घोषणा नहीं की गई, जबकि हमेशा यह होता आया हे की घटना के तुरंत बाद मृतको ओर घायलों को सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत सहायता राशी की घोषणा हो जाती हे |
सोशियल मीडिया पर चली खबर के बाद BDN सहित अनेक संगठनों ने रक्त की आवश्यकता होने पर रक्त ? उपलब्ध कराने के लिए शहर वासियों से अस्पताल पहुचने की एक अपील पर ही अनेक दान दाताओ ने अस्पताल पहुच कर मानवता का परिचय दिया ।

अमृत कौर अस्पताल क डाक्टरों की टीम जिसमे मुख्य रूप से डाक्टर एस एस चौहान, गोपाल गुर्जर, दिलीप चौधरी , पुकराज चौधरी , आलोक सक्सेना सहित अनेक डाक्टरों ने एवं समस्त नरसिंह स्टाफ नरेन्द्र शर्मा, लक्ष्मण , मीत भाई, नवनीत भाई, एवं नरसिंह स्टूडेंट ने अपनी सराहनीय सेवाऐ दी |
पुलिस स्टाफ, एन डी आर ऍफ़ की टीम ,यशवंत सिंह यादव, छुघ सिंह जी, रामस्वरूप चौधरी सहदेव सिंह चौधरी एवं समस्त पुलिस स्टाफ का कार्य सराहनीय रहा |

फायर ब्रिगेड अधिकारी के प्रति लोगो में उपजा रोष :- फायर ब्रिगेड को समय पर सुचना मिलने के बाद भी मोके पर देर से पहुचने के कारण उनको जनता के गुस्से का शिकार होना पडा | खबर पता चली हे की कुमावत भवन में दुर्घटना के समय फायर ब्रिगेड का अधिकारी आफिस में नही था वो आफिस से अपने घर अजमेर जा चूका था , जो की सुचना के काफी समय बाद मोके पर पहुचा | वो प्रतिदिन अजमेर से अपडाउन करते हे | जबकि फायर अधिकारी का पद एक बहुत ही जिम्मेदारी वाला पद होता हे |
अभी तक सांसद, विधायक, जिला कलेक्टर, या मुख्यमंत्री राहत कोष से किसी भी प्रकार की सहायता राशि की घोषणा नहीं की गई, जबकि हमेशा यह होता आया हे की घटना के तुरंत बाद मृतको ओर घायलों को सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत सहायता राशी की घोषणा हो जाती हे | समय पर उक्त सहायता राशि की घोषणा ना होना बड़ा ही विचारणीय विषय हे |

तमाशबीनो के कारण राहत कार्यो में आई परेशानी :-
जहां एक ओर शहर के युवा अपनी जान जोखिम में डाल कर राहत कार्यों में सहयोग कर रहे थें, वही दूसरी ओर सोशियल मीडिया पर खबर वाईरल होने के बाद मोके पर भारी संख्या में तमाशबीनों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जिस कारण राहत कार्यो में कई बार परेशानी हुई, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, JCB आदि को राहत कार्य के दौरान इन तमाशबिनो की भीड़ के कारण आने जाने और राहत कार्यो के दौरान परेशान होना पड़ा ।
अपील :- आप सभी से निवेदन है कि कभी भी कही भी यदि ऐसे हादसे होते है तो आप सभी अपनी समझदारी दिखाते हुए घटना स्थल पर अनावश्यक भीड़ ना करे । ज्यादा भीड़ की वजह से राहत कार्यो में परेशानी होती है । भीड़ की वजह से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, jcb, ट्रेक्टर आदि आदि को कई कई बार आना जाना पड़ता है और भारी भीड़ के कारण उनके आने जाने या मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नही मिलती है, जिससे उनका अनावश्यक समय नष्ट होता है और किसी की जिंदगी जब दांव पर लगी हो तो आप भी समझते है कि एक एक पल कितना कीमती होता है ।
हेमेन्द्र सोनी @ BDN जिला ब्यावर
   

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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