अमृत कोर अस्पताल और आँखों देखी

अमृत कोर अस्पताल और आँखों देखी

BDN :- अमृत कोर अस्पताल और आँखों देखी
दिनाक 16 जून गुरूवार प्रातः लगभग 2.30 बजे (AM) एक मरीज की तबियत खराब होने की वजह से इमरजेंसी में अस्पताल ले के आये में भी उनके परिवार के साथ अमृत कोर अस्पताल आया था ।
पर्ची बनाने के बाद नाईट ड्यूटी पे डाक्टर सुनील कुमावत की ड्यूटी थी सो उनके रूम में ले कर गए ।
लेकिन बहुत अफ़सोस हुवा की डाक्टर ने बिना स्टेथ लगाए और बिना ब्लडप्रेशर चेक किये और तो और डाक्टर ने मरीज को हाथ भी नहीं लगाया और दवाईया लिख दी और भर्ती कर लिया, जब उनसे 2 बार कहा गया की मटीज का BP तो चेक करो तो सुनी अनसुनी कर दी, इसके पश्चात वार्ड में भर्ती के लिए ले के गए और स्टाफ ने इलाज चालु कर दिया तो एक बार फिर स्टाफ को बोला की BP चेक कर लो तो उन्होंने कहा की BP तो निचे डाक्टर साहब चेक करते हे हम नहीं कर सकते ।
ध्यान दे :- मेने रात्री में डाक्टर के कमरे के बाहर खड़े रहकर 3 मरीजो को देखा जिनको भर्ती किया गया लेकिन ड्यूटी डाक्टर ने किसी भी
मरीज को ना तो स्टेथ लगा के देखा और नाही BP चेक किया बल्कि सीधा इलाज लिख के दे दिया ।
? क्या यह उचित हे क्या ? किसी भी मरीज को बिना चेक किये इलाज लिखना । किसी भी मरीज को बिना BP चेक किये दवा देना क्या उचित हे क्या । जबकि वो रात्रि में गंभीर स्थिति में अस्पताल आता हे और उसके साथ इतनी लापरवाही क्या उचित हे ?
हेमेन्द्र सोनी @ BDN ब्यावर

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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