1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम

1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम

1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम 1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम 1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम

1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम 1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम 1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम 1 रुपए का सिक्का आपको बना सकता है लखपति, सिर्फ करना होगा ये काम

नोटः तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
नई दिल्ली. अगर आपके पास एक रुपए का खास सिक्का है तो वह आपको लखपति बना सकता है। सिर्फ एक सिक्के की कीमत 3 लाख रुपए तक हो सकती है। चौंकिए मत यह सही है। आंध्र प्रदेश में एक क्वाइन स्टाल लगाने वाले कारोबारी के पास ऐसे ही कुछ सिक्कों के कलेक्शन है, जो उन्होंने 3 लाख रुपए में बेचा। अगर आपके पास भी इस तरह के सिक्के हैं तो आप भी उसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं।
कौन है कारोबारी
आंध्र प्रदेश के रहने वाले बी चंद्रशेखर रोड साइड ऐसे ही सिक्कों का अपना स्टॉल लगाते हैं। वह यह स्टॉल वर्ल्ड तेलगु कॉन्फ्रेंस के सामने लगाते हैं। वर्ल्ड तेलगु कॉन्फ्रेंस में होने वाली एग्जीबिशन के दौरान लोग उनकी स्टॉल पर इस तरह के सिक्कों की खरीदारी के लिए आते हैं। यहीं से उनकी आमदनी होती है। एक सिक्के की कीमत 3 लाख रुपए तक हो सकती है।
क्या थी सिक्के की खासियत
बी चंद्रशेकर ने जो एक रुपए का सिक्का 3 लाख रुपए में बेचा था उसकी खासियत थी कि उसे 1973 में मुंबई मिंट में ढाला गया था। मुंबई मिंट भारत की सबसे पुरानी मिंट में से एक है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने किया था। उस वक्त भी मुंबई अंग्रेजों के आर्थिक पहलुओं के लिहाज से अच्छा क्षेत्र था। यहां के बने सिक्कों पर डायमंड शेप का डॉट बना होता है।
65 साल के तमाम सिक्कों का संग्रह
चंद्रशेखर ने एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनके पास 65 साल पहले मिंट हुए सिक्के से लेकर तमाम ऐसे सिक्के हैं, जो स्मारक या एतिहासिक हैं।

 

2 लाख रुपए में बेचा एक और सिक्का
बी चंद्रशेखर ने उसी दौरान 1 रुपए का एक और सिक्का 2 लाख रुपए में बेचा था। यह सिक्का 1985 का था, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीर छपी थी। इस सिक्के को कोलकाता मिंट में ढाला गया था। इसके अलावा, दो आने और 50 पैसे का सिक्का भी उन्होंने बेचा। जिसके लिए उन्हें 70 हजार और 60 हजार रुपए मिले।
24 साल से यही है कारोबार
चंद्रशेखर के मुताबिक वह 24 साल से लगातार सिक्के बेचने का बिजनेस कर रहे हैं। उनके पास देश-विदेश से लोग आते हैं, जो ऐसे सिक्कों के शौकीन हैं। चंद्रशेखर के मुताबिक, उनके पास भारत की चारों मिंट(कोलकाता, मुंबई, नोएडा और हैदराबाद) में स्वतंत्र भारत में ढाले गए सिक्के मौजूद हैं।

 

हैदराबाद मिंट
हैदराबाद मिंट साल 1903 में हैदराबादी निजाम की सरकार ने स्थापित किया था। साल 1950 में भारत सरकार ने इसे अपने अधिकार में ले लिया था।
टूटे डायमंड का चिन्ह
सिक्के में अंकित तारीख के नीचे एक टूटा डायमंड नजर आता है। ये चिन्ह हैदराबाद मिंट का चिन्ह है। हैदराबाद मिंट की शुरुआत में स्टार मार्क का इस्तेमाल किया गया। बाद में इसे बदलकर डायमंड शेप में लाया गया और उनमें से कुछ सिक्के में टूटा डायमंड भी शामिल है।
नोएडा मिंट
नोएडा मिंट को 1986 में स्थापित किया था और 1988 से यहां से स्टेनलेस स्टील के सिक्कों का निर्माण शुरू हुआ था।
नोएडा मिंट की खासियत
नोएडा मिंट के सिक्कों पर जहां ढलाई का वर्ष अंकित किया गया है उसके ठीक नीचे छोटा और ठोस डॉट होता है। इसे सबसे पहले 50 पैसे के सिक्के पर बनाया गया था। 1986 में इन सिक्कों पर ये मार्क अंकित किया जाना शुरू हुआ था।
मुंबई मिंट की खासियत
यहां के बने सिक्कों पर डायमंड शेप का डॉट बना होता है। यह सिक्के पर ठीक निर्माण वर्ष के नीचे अंकित होता है। सिक्के में लिखी डेट के नीचे बना ‘B’ मार्क भी मुंबई मिंट का ही होता है। 1996 के बाद से ढाले गए कई सिक्को में ‘M’ का निशान बनकर आने लगा। ये सिक्का भी मुंबई मिंट का ही होता है।
कलकत्ता मिंट
कलकत्ता मिंट की शुरुआत अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हुई थी। साल 1859 में पहली बार इस टकसाल में सिक्के ढाला गया। हालांकि, उस समय का बना सिक्का अंग्रेजी हुकूमत अपने साथ ही ले गई थी।
कलकत्ता मिंट की खासियत
कलकत्ता मिंट के सिक्कों पर कोई मिंट मार्क नहीं होता। दरअसल, अंग्रेजी हुकूमत के दौरान से ही कलकत्ता मिंट में जो सिक्के बनते थे उन पर कोई मार्क नहीं था। जबकि मुंबई मिंट शुुरू होने के बाद उनमें मार्क का इस्तेमाल किया गया था। पहचान के लिए कलकत्ता मिंट के सिक्कों पर कोई मार्क नहीं दिया गया।
कहां बेचे जा सकते हैं ऐसे सिक्के
अगर आपके पास ऐसे स्मारक सिक्के, पुराने या फिर रेयर सिक्के हैं तो आप उन्हें ऑनलाइन बेच सकते हैं। ईबे, ओएलएक्स और क्विकर जैसी वेबसाइट्स इनकी बीडिंग कराकर इन सिक्कों को बेचती हैं। यहां आप अपना लॉग इन आईडी बनाकर खुद को सेलर बना सकते हैं। सिक्के की कीमत उसकी खासियत के अनुसार तय की जा सकती है। जरूरी नहीं कि हर सिक्का लाखों रुपए में ही बिके।
लॉग इन करने के लिए साइट के होम पेज पर जाकर सेलर ऑप्शन पर जाएं और यहां अपने प्रोडेक्ट(जिसे आप बेचना चाहते हैं) की फाइलिंग करें। इसके बाद आपको यहां खुद रजिस्टर कराना होगा।
Categories: Business, Other

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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