नवीन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही

नवीन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही

नवीन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही भी होगीमास्क एवं हैंड सेनिटाइजर को ई सी एक्ट में किया शामिलविभाग द्वारा एमआरपी से ज्यादा मूल्य नहीं वसूलने के संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश-उपभोक्ता मामलात मंत्री
जयपुर, 15 मार्च। उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए नवीन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही निश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को नुकसान होने पर विक्रेता के साथ ही विनिर्माता एवं उत्पादक को भी जिम्मेदार बनाया है।
उपभोक्ता मामलात मंत्री ने विश्व उपभोक्ता दिवस 2020 के अवसर पर कही जिसकी थीम दी संस्टेनेवल कंजूमर है। विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर प्रदेश में जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया है। उन्होंने बताया कि मिलावटी एवं नकली वस्तुओं के उत्पादन, विक्रय आयात एवं संग्रह के संंबंध में कठोर प्रावधान रखे गए है। उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों में उत्पादक विक्रेता, सेवा प्रदाता, प्रकाशक एवं विज्ञापन को एंडोर्स करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भी कार्यवाही करने के नियम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नवीन अधिनियम में ई- कॉमर्स एवं प्रत्यक्ष ब्रिकी के मामलों में अवैध व्यापारिक गतिविधियों को रोकने के भी प्रावधान किए गए है। 
मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर को ई सी एक्ट में किया शामिल
उपभोक्ता मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के बचाव हेतु बाजार में मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर की मनमानी कीमते वसूलने, कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी रूप से रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसमें मास्क (2 प्लाई, 3प्लाई, सर्जिकल मास्क,एन 95 मास्क) एवं हैंड सेनिटाइजर के उत्पादन वितरण लॉजिस्टक्स को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में शामिल किया गया है जो यह अधिसूचना 30 जून 2020 तक लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि तो प्रदेश के किसी जिले में मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर को बिना एमआरपी एवं एमआरपी से ज्यादा, कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण की शिकायत पाई जाती है तो उस फर्म या विक्रेता के विरुद्ध ई सी एक्ट में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। ई सी एक्ट में प्रकरण दर्ज होने पर कम से कम 3 महीने एवं अधिकतम 7 साल की सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है।
एमआरपी से ज्यादा मूल्य नहीं वसूलने के संबंध में विभाग द्वारा जारी किए दिशा-निर्देशउपभोक्ता मंत्री ने बताया कि विश्व स्तरीय महामारी कोविड19 की प्रभावी रोकथाम के लिए बांट माप यूनिट उपभोक्ता मामले विभाग भारत सरकार की पालना में राज्य सरकार द्वारा भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि  विधिक माप विज्ञान (डिब्बा बंद वस्तुएं) अधिनियम 2011 के अंतर्गत अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य के उल्लंघन के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विधिक माप विज्ञान अधिकारियों को मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर की संबंधित क्षेत्र में उपलब्धता सुनिश्चित करने सहित एमआरपी से ज्यादा मूल्य नहीं वसूलने या बिना एमआरपी के बेचने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए दिशा -निर्देश प्रदान कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रपत्र में प्रतिदिन सूचना मुख्यालय भिजवाए जाने के लिए पाबंद कर दिया गया है। इसी हेतु राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति कर दी गई है।
 आमजन टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कर सकता है शिकायत
 उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री ने बताया कि कोई भी विक्रेता आमजन से एमआरपी से ज्यादा पैसा वसूलते या बिना एमआरपी के मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर बेचता हैं तो आमजन उपभोक्ता हैल्पलाइन टोल फ्री नं. 18001806030 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
उपभोक्ता परामर्श केन्द्र किए विकसित
उपभोक्ता मंत्री ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए संभागीय जिला मुख्यालय एवं समस्त जिला रसद कार्यालयों में उपभोक्ता परामर्श केन्द्र विकसित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदो पर नियुक्ति कर दी गई है।

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Hemendra Soni

M.D. & Chief Editor of BeawarDailyNews.com

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